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सूची-I (नैदानिक तकनीक) को सूची-II (मुख्य कार्य) के साथ सुमेलित कीजिए: सूची-I: (a) त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis) (b) नैदानिक साक्षात्कार (Clinical Interview) (c) पोर्टफोलियो (Portfolio) (d) जाँच सूची (Checklist) सूची-II: (1) समय के साथ विद्यार्थी के क्रमिक कार्यों और प्रगति का रिकॉर्ड (2) किसी कौशल की उपस्थिति या अनुपस्थिति का त्वरित अवलोकन (3) विद्यार्थी के सोचने के तरीके और अंतर्निहित तर्कों की मौखिक पड़ताल (4) गलतियों के स्वरूप और पुनरावृत्ति के कारणों की व्यवस्थित पहचान कूट:
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सूची-I (त्रुटि का प्रकार) को सूची-II (संभावित कारण) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (a) लापरवाहीपूर्ण त्रुटि (Slip/Careless Error) (b) संकल्पनात्मक त्रुटि (Conceptual Error) (c) प्रक्रियात्मक त्रुटि (Procedural Error) (d) भाषाई बाधा त्रुटि (Linguistic Error) सूची-II: (1) प्रश्न की शब्दावली या वाक्य-रचना न समझ पाना (2) नियमों और मूल सिद्धांतों की गलत या अधूरी समझ (3) ध्यान भटकने या जल्दबाजी के कारण हुई क्षणिक चूक (4) गणना या क्रियान्वयन के चरणों का गलत क्रम में प्रयोग कूट:
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सूची-I (उपचारात्मक रणनीति) को सूची-II (शैक्षणिक आधार) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (a) बहु-संवेदी उपागम (Multisensory Approach) (b) अधिसंज्ञानात्मक निर्देश (Metacognitive Prompting) (c) संप्रत्यय मानचित्रण (Concept Mapping) (d) निर्देशित अभ्यास (Guided Practice) सूची-II: (1) विचारों के बीच संबंधों का दृश्य और तार्किक प्रदर्शन (2) दृश्य, श्रव्य और स्पर्शनीय इंद्रियों का एक साथ उपयोग (3) शिक्षक की देखरेख में धीरे-धीरे सहायता कम करते हुए अभ्यास (4) स्वयं की चिंतन प्रक्रिया पर सोचने और निगरानी रखने के लिए प्रेरित करना कूट:
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सूची-I (नैदानिक उपकरण) को सूची-II (विशेषता) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (a) उपख्यानात्मक अभिलेख (Anecdotal Record) (b) रूब्रिक्स (Rubrics) (c) संचयी अभिलेख (Cumulative Record) (d) नैदानिक वर्कशीट (Diagnostic Worksheet) सूची-II: (1) विद्यार्थी के समग्र शैक्षणिक व व्यक्तिगत इतिहास का दीर्घकालिक रिकॉर्ड (2) किसी विशिष्ट घटना या व्यवहार का संक्षिप्त तथ्यात्मक विवरण (3) विशिष्ट कमियों की पहचान के लिए तैयार किए गए श्रेणीबद्ध प्रश्न (4) प्रदर्शन के स्तर और मानदंडों का स्पष्ट वर्णनात्मक पैमाना कूट:
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सूची-I (मचान/स्कैफोल्डिंग तकनीक) को सूची-II (कक्षा उदाहरण) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (a) निदर्शन (Modeling) (b) मौखिक संकेत (Verbal Prompting) (c) कार्य का विखंडन (Task Chunking) (d) सहायता में कमी (Fading) सूची-II: (1) जटिल लंबे प्रश्न को छोटे-छोटे तीन चरणों में बाँटकर देना (2) जैसे-जैसे छात्र सीखता जाए, शिक्षक द्वारा मदद कम करते जाना (3) समस्या हल करने की प्रक्रिया को शिक्षक द्वारा स्वयं करके दिखाना (4) अटकने पर "इसके बाद अगला कदम क्या हो सकता है?" जैसा प्रश्न पूछना कूट:
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सूची-I (प्रश्न प्रकार) को सूची-II (नैदानिक उपयोग) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (a) पड़ताल करने वाले प्रश्न (Probing Questions) (b) अपसारी प्रश्न (Divergent Questions) (c) नैदानिक विकल्प (Diagnostic Distractors) (d) स्पष्टीकरण प्रश्न (Clarifying Questions) सूची-II: (1) आम भ्रांतियों को पकड़ने के लिए बहुविकल्पीय प्रश्नों में डाले गए विशेष विकल्प (2) विद्यार्थी की अधूरी बात को और अधिक विस्तार से समझने के लिए (3) किसी उत्तर के पीछे छिपे गहरे तर्क तक पहुँचने के लिए अनुवर्ती प्रश्न (4) विभिन्न दृष्टिकोणों और मौलिक सोच की जाँच करने के लिए कूट: